हिंदू समाज को संगठित करने, उसमें स्वाभिमान जगाने, और समरसता बढ़ाने के प्रयासों के तहत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महत्वपूर्ण पहल “विराट हिंदू सम्मेलन” की तैयारी आज शुरू हुई। वैशाली सेक्टर-5 में 18 जनवरी को होने वाले इस सम्मेलन के आयोजन के लिए कार्यकारिणी की घोषणा की गई और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
विराट हिंदू सम्मेलन इन मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है:1. एकता और समरसता: हिंदू समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना और आपसी वैमनस्यता दूर करना।2. सामाजिक मजबूती: हिंदू समाज की कमजोरियों को दूर करके उसे मजबूत और ऊर्जावान बनाना।3. राष्ट्र निर्माण: युवाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्य से जोड़ना और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना।4. सांस्कृतिक पुनर्जागरण: सनातन परंपरा, संस्कृति और, संस्कारों को बढ़ावा देना।5. पर्यावरण जागरूकता: पंच परिवर्तन के माध्यम से पर्यावरण के प्रति समाज को जागरूक करना।
विराट हिंदू सम्मेलन के आयोजन के लिए आज हुई बैठक में पार्षद राजकुमार भी शामिल हुए और सक्रिय भागीदारी की घोषणा की। बैठक में, कार्यक्रम के आयोजन के लिए अध्यक्ष चुने गए सतीश गोयल के साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी कामेश्वर नाथ, ऋषिकांत , महेंद्र, साकेत मणि, और स्वयंसेवकों के अलावा, समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





