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देहरादून: उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर आज 9 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंच रहे हैं। इस मौके पर राजधानी दून को प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरी तरह सजा दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर 8260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात उत्तराखंड को देंगे।

  • पहाड़ी बोली, पहाड़ी टोपी, पीएम का हर अंदाज पहाड़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सुबह 11:30 बजे एफआरआई परिसर पहुंचेंगे। इसके बाद 11:45 बजे वह राज्य के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। 12:05 बजे प्रधानमंत्री विभिन्न हितधारकों से संवाद करेंगे और इसके बाद 12:30 बजे राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में शामिल होकर जनसभा को संबोधित क  प्रधानमंत्री ने अपने भाषण मे पहाड़ के लोक पर्वों, लोक परंपराओं और महत्वपूर्ण आयोजनों को भी शामिल किया। इस क्रम में उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी, देवीधुरा मेले से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र किया। धानमंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण की शुरूआत की और कहा-देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना सयानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार। पैलाग, सैंवा सौंली। अपने भाषण के बीच में प्रधानमंत्री ने जब फिर से गढ़वाली में बोलना शुरू किया, तो इसने लोगों को और रोमांचित कर दिया। प्रधानमंत्री बोले-पैली पहाडू कू चढ़ाई, विकास की बाट कैल रोक दी छै। अब वखि बटि नई बाट खुलण लग ली।


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एक कदम पहाड़ की ओर की शुरुवात हो चुकी है आज इसी कड़ी में आज हम धूमाकोट पौड़ी गढ़वाल मनोज कुमार खड़कवाल जी मिले जिन्होंने बागवानी कीवी  और कृषि में स्वरोजगार की ऐसी राह पकड़ी कि सब लोग उनसे प्रेरणा ले रहे है धुमाकोट   पहाड़ों के लिए कीवी की खेती वरदान बन सकती है।आने वाले महीने कीवी के पौधे लगाने के लिए बहुत ही उपयुक्त है। एक बार कीवी  के पौधे लगाए और तक़रीबन 30 साल तक उससे मुनाफ़ा पाए। सबसे बड़ी बात कीवी  को जानवर नुक़सान नहीं पहुँचाते हैं। अकेले ये पहाड़ी आबाद कर रहा पहाड़…पहाड़ में बंजर पहाड़ को खोद कर लगा रहे कीवी 🥝

हल्द्वानी। होप फाउंडेशन के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज, नैसेला में आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं छात्र प्रोत्साहन कार्यक्रम का रविवार को विधिवत समापन हुआ। 10 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान ने न केवल चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कीं, बल्कि ‘यूथ उत्तराखंड’ के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण संवाद मंच के रूप में भी कार्य किया। आधुनिक मशीनों से जाँच और विशेषज्ञों का परामर्श शिविर के दौरान होप फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. असित खन्ना और उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से ग्रामीणों की स्वास्थ्य जाँच की गई। विभिन्न रोगों के परामर्श के साथ ही जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।

हिमालय रक्षक युवा संकल्प, वनाग्नि, आपदा प्रबंधन और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे गंभीर विषयों पर ग्रामीणों को किया गया जागरूक
इस विशेष अभियान का एक मुख्य आकर्षण उत्तराखंड की गंभीर चुनौतियों पर हुआ संवाद रहा। यूथउत्तराखंड के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने आपदा प्रबंधन, मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि जैसे विषयों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि ये मुद्दे हमारे अस्तित्व और विकास से सीधे जुड़े हैं, जिनके समाधान के लिए सामुदायिक सहभागिता अनिवार्य है।

जीवन रक्षक कौशल: CPR और फर्स्ट एड ट्रेनिंग आपातकालीन स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स के लिए शिविर में मौजूद विशेषज्ञों ने ग्रामीणों और युवाओं को CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही, आपदा प्रबंधन के तहत ‘फर्स्ट एड रिस्पॉन्स’ की Hope Foundation की टीम द्वारा जानकारी दी गई, ताकि चिकित्सा सहायता पहुँचने से पहले घायल व्यक्ति की स्थिति को संभाला जा सके।

प्रतिभा प्रोत्साहन और रचनात्मकता बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए चित्रकला, फेस-मास्क मेकिंग और ‘जुबां खेल-कूद’ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण और कलात्मकता के प्रति जागरूक किया गया।

प्रप्रमुख सहयोग एवं उपस्थिति कार्यक्रम की सफलता में स्कूल प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की विशेष भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. असित खन्ना (संस्थापक, होप फाउंडेशन), एवं बच्ची सिंह बिष्ट , स्कूल के प्रधानाचार्य, ग्राम प्रधान, और पर्यावरणप्रेमी शंकर सिंह बिष्ट ‘यूथ उत्तराखंड’ टीम एवं भारतीय पर्वतीय महासभा टीम के सदस्य रोहित रावत, भुवन चंद पांडे(सामाजिक कार्यकर्ता), दीपक रावत, गोपाल सिंह पंवार एवं दिव्यांग बच्चों के भविष्य उत्थान हेतु
कार्यरत जय शारदा जनकल्याण समिति (सेवालय) के संस्थापक रोहित जोशी (सामाजिक कार्यकर्ता) सहित कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित रहे।