7वाँ द्वारका उत्तराखण्डी उत्तरायणी महोत्सव- 2026

द्वारका उत्तराखण्डी उत्तरायणी समिति द्वारा आयोजित 7वाँ द्वारका उत्तराखण्डी उत्तरायणी महोत्सव- 2026 दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी उत्तराखण्डी समुदाय के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक पर्व है। यह महोत्सव न केवल उत्तरायणी (मकर संक्रांति) के स्वागत का प्रतीक है, बल्कि देवभूमि की समृद्ध लोक विरासत को महानगर में जीवंत करने का एक साझा मंच भी है। इस बार महोत्सव में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार जैसे इंदर आर्या (Inder Arya), किशन महिपाल (Kishan Mahipal) और रेशमा शाह (Reshma Shah) अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा. इस बार मंच पर उत्तराखंड के वो सितारे आये जिनकी आवाज़ आज हर पहाड़ी के दिल में बसती है:

इंदर आर्या (Inder Arya): अपने सुपरहिट गीतों (जैसे ‘गुलाबी शरारा’) से युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय इंदर आर्या महोत्सव में जोश भर दिया .

किशन महिपाल (Kishan Mahipal): अपनी मखमली आवाज़ और पारंपरिक धुनों के लिए मशहूर किशन महिपाल गढ़वाली संस्कृति की महक बिखेरा दिया।

रेशमा शाह (Reshma Shah): जौनसारी और पहाड़ी लोक गीतों की प्रसिद्ध गायिका रेशमा शाह अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

नीरज बवाड़ी  मंच संचालक ने कार्यक्रम को रोचक, प्रभावी और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका  निभाई ।

इस भव्य महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, लोकनृत्य और सामाजिक एकता का अद्भुत व जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला. महोत्सव में सिर्फ संगीत ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड का स्वाद और पहनावा भी मुख्य आकर्षण रहा: पारंपरिक वेशभूषा: पिचोड़ा, नथ और पहाड़ी टोपी में सजे लोग ‘लघु उत्तराखंड’ का अहसास कराया। स्टॉल्स पर पहाड़ी की बाल मिठाई, सिंगौड़ी, गहत की दाल, और झंगोरे की खीर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाने का मौका मिला साथ ही झौड़ा-चांचरी: कलाकारों के साथ-साथ आम जनता भी पारंपरिक सामूहिक नृत्यों का हिस्सा रहा । मुख्य कलाकारों की प्रस्तुतियां और शाम की चमक इस कौतिक (मेले) को और भी खास बना दिया .यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी के प्रति प्रेम और देवभूमि की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का एक महाकुंभ साबित हुआ. देवभूमि की “अतिथि देवो भव:” की परंपरा को निभाते हुए आगंतुकों का स्वागत और सम्मान।

इस भव्य महोत्सव को सफल बनाने में द्वारका उत्तराखण्डी उत्तरायणी समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का निस्वार्थ योगदान रहा। आयोजन की योजना से लेकर उसके क्रियान्वयन तक, कार्यकारिणी ने हर मोर्चे पर अपनी कुशलता सिद्ध की।

समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, कार्यकारिणी समिति , आयोजकों को इस सफल एवं भव्य आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। जय बद्री-केदार! जय उत्तराखंड!