एक युवा को खोने का दुख कभी कम नहीं हो सकता, लेकिन जब पूरा समाज और नेतृत्व ढाल बनकर खड़ा हो जाए, तो पीड़ित परिवार को संघर्ष करने की शक्ति जरूर मिलती है। कमल ध्यानी जी के दुखद निधन के बाद जिस तरह से महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन (MDUPS) और सांसद अनिल बलूनी जी ने मिलकर प्रयास किए, वह समाज के प्रति संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण है .एक युवा “पहाड़ के लाल” को खोना अपूरणीय क्षति है, लेकिन परिवार को इस कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा और नौकरी का संबल मिलना न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है

5 फरवरी को दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में दिल्ली जल बोर्ड और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण ‘पहाड़ के लाल’ कमल ध्यानी (25 वर्ष) का असमय निधन न केवल एक परिवार की क्षति थी, बल्कि पूरे प्रवासी उत्तराखंडी समाज के लिए एक गहरा आघात था।इस अन्याय के खिलाफ महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन (MDUPS) ने कड़ा रुख अपनाया। 15 फरवरी को हादसे वाली जगह पर किए गए प्रचंड विरोध प्रदर्शन ने सोई हुई व्यवस्था को जगाने का काम किया। इस प्रदर्शन ने दिल्ली सरकार और जल बोर्ड की जवाबदेही तय करने के लिए समाज में एक व्यापक चेतना पैदा की। लगातार जारी संघर्ष के बीच MDUPS के प्रतिनिधिमंडल ने गढ़वाल सांसद और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता श्री अनिल बलूनी जी से मुलाकात कर पीड़ित परिवार की व्यथा साझा की।बलूनी जी ने एक ‘सच्चे जननेता’ की भूमिका निभाते हुए इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लिया। परिणाम स्वरूप:
त्वरित कार्यवाही: मुलाकात के मात्र 48 घंटों के भीतर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी का वचन पूरा हुआ।
न्याय की जीत: शब्द नहीं, कर्म बोलता है पीड़ित परिवार को संबल: अनिल बलूनी जी के हस्तक्षेप के मात्र 48 घंटों के भीतर परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी का वचन पूरा हुआ। जननेता की भूमिका: एक सच्चे जननेता की पहचान उनके वादों और उनके क्रियान्वयन से होती है। बलूनी जी ने मुख्यमंत्री के साथ समन्वय कर इसे हकीकत बनाया। यह जीत संगठन की शक्ति और हमारे प्रवासियों की एकजुटता का प्रमाण है। हम दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही को कभी नहीं भूलेंगे, लेकिन हमें संतोष है कि कमल ध्यानी के परिवार को इस कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का संबल मिला है।”



Comments
ऐतिहासिक परिवर्तन: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार, तृणमूल का सूपड़ा साफ
ऐतिहासिक परिवर्तन: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार, तृणमूल का सूपड़ा साफ
ऐतिहासिक परिवर्तन: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार, तृणमूल का सूपड़ा साफ
ऐतिहासिक परिवर्तन: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार, तृणमूल का सूपड़ा साफ
ऐतिहासिक परिवर्तन: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार, तृणमूल का सूपड़ा साफ