गोवा अग्निकांड में उत्तराखंड के पांच युवकों की जान चली गई। इसमें अल्मोड़ा के ही चार लोगों की भी मौत हुई है। गोवा के नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड में उत्तराखंड के पांच युवाओं की जिंदगी लील ली। मनीष सिंह, चंपावत के रहने वाले थे जबकि जितेंद्र और सतीश सिंह टिहरी के रहने वाले थे। मृतक सतीश राणा अपने परिवार का इकलौता सहारा थे। वह नाइट क्लब में काम कर माता-पिता और छोटे भाई की जिम्मेदारी उठा रहे थे। सतीश अपनी दो बहनों की शादी करवा चुके थे। नाइट क्लब अग्निकांड में सतीश राणा बुरी तरह झुलस गए थे और उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
उनकी मौत की खबर उनके परिजनों को मिली तो वह सदमे में आ गए। घर का इकलौता कमाने वाला लड़के की मौत से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। यह पूरा परिवार खेती बाड़ी और मेहनत मजदूरी कर गुजर करता है।
जानकारी के अनुसार बीते शनिवार रात करीब 11:45 बजे गोवा के प्रसिद्ध Birch by Romeo Lane नाइटक्लब के पहले माले पर भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग इनडोर पटाखों से शुरू हुई और लकड़ी से बने फर्नीचर के कारण तेजी से फैल गई। धुआँ फैलने के बाद लोग घबरा गए और कई स्टाफ सदस्य नीचे बने संकरे हिस्सों में फंस गए, जहां दम घुटने से अधिकांश की मौत हुई। क्लब में आग लगने के कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, पूरा क्लब जलकर खाक हो चुका था। इस हादसे में करीब 25 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में पर्यटक तथा क्लब के लगभग 20 स्टाफ सदस्य शामिल हैं। हादसे में कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इस घटना की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्लब में आतिशबाज़ी के दौरान आग लगी। क्लब की बिल्डिंग और फर्नीचर अधिकतर जामिनी (wooden / flammable) सामग्री के होने के कारण आग तीव्रता से फ़ैल गई। इसके अलावा क्लब के पास फायर NOC नहीं था, आपातकालीन निकास बेहद सीमित थे और भवन नियमों का उल्लंघन किया गया था। क्लब विवादित भूमि पर बना था और इसके खिलाफ पहले से ही कार्रवाई लंबित बताई जा रही है। पुलिस द्वारा क्लब के जनरल मैनेजर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं क्लब का मालिक फिहाल फरार है, उसके खिलाफ वॉरंट जारी किया गया है। इस मामले में तीन सरकारी अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस अग्निकांड मामले में मेजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।




