हरीश सिंह महरा की ‘Hills Organic’ ने पारंपरिक अनाज, GI टैग वाले उत्पादों और हर्बल उत्पादों को दी नई बाजार पहचान

हरीश सिंह महरा | ग्राम जौरासी, ब्लॉक रामगढ़, नैनीताल, उत्तराखंड- एक कदम पहाड़ की ओर

कभी रोज़गार की तलाश में पहाड़ से निकलकर नासिक की एक ऑटोमोबाइल कंपनी में नौकरी करने वाले हरीश सिंह महरा ने कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद वापस अपने गांव का रुख किया। यह वापसी उनके लिए केवल घर लौटना नहीं थी, बल्कि एक नई सोच और नए स्वरोजगार की शुरुआत थी।

रिवर्स पलायन के दौरान हरीश ने पहाड़ के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय कृषि पर शोध शुरू किया। इसी दौरान उनके मन में सवाल उठा—जब पहाड़ की मिट्टी में पारंपरिक अनाज, दालें, मसाले और जड़ी-बूटियों जैसे प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं, तो इन्हें बेहतर तरीके से देश-दुनिया तक क्यों न पहुंचाया जाए?

इसी सोच से जन्म हुआ ‘Hills Organic’ का।

पांच उत्पादों से शुरू हुआ सफर

हरीश ने शुरुआत महज पांच जैविक उत्पादों से की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार की जरूरतों पर लगातार काम किया।

आज Hills Organic के पोर्टफोलियो में 20 से अधिक उत्पाद शामिल हैं, जिनमें मोटे जैविक अनाज यानी श्री अन्न, GI टैग वाले उत्पाद और विभिन्न हर्बल उत्पाद प्रमुख हैं।

उनका प्रयास केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने स्थानीय किसानों को बाजार से जोड़ने और पहाड़ में उत्पादित चीजों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में भी काम किया।

किसान की मेहनत को मिला बाजार

हरीश का मानना है कि पहाड़ के किसान के पास उत्पादन की क्षमता है, लेकिन उचित बाजार, ब्रांडिंग और पैकेजिंग की कमी उसकी सबसे बड़ी चुनौती है।

Hills Organic के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों को एक पहचान देने का प्रयास किया गया। इससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर भी तैयार हुए।

उनके अनुसार, इस पहल से जुड़े किसानों की आय में वृद्धि हुई है और गांव से होने वाले पलायन को कम करने में भी मदद मिली है।

कोरोना ने बदली सोच, पहाड़ बना कर्मभूमि

कोरोना काल ने जहां पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता पर सोचने के लिए मजबूर किया, वहीं हरीश के लिए यह समय एक नए संकल्प की शुरुआत बना।

उन्होंने महसूस किया कि पारंपरिक और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़कर पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इसी विचार को उन्होंने अपने उद्यम का आधार बनाया।

हालांकि जैविक या हर्बल उत्पादों को किसी बीमारी का इलाज या कोरोना जैसी बीमारी से बचाव का प्रमाणित साधन बताना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है। Hills Organic की मूल भावना स्थानीय, पारंपरिक और प्राकृतिक उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की है।

सम्मान ने बढ़ाया हौसला

हरीश सिंह महरा की इस पहल को दिसंबर 2025 में उत्तराखंड सरकार द्वारा रिवर्स पलायन के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पहाड़ लौटकर स्वरोजगार खड़ा करने की सोच को मिला प्रोत्साहन है।

हरीश की कहानी उन युवाओं के लिए संदेश है जो रोजगार के लिए पहाड़ छोड़ने को मजबूर होते हैं। उनका सफर बताता है कि यदि स्थानीय संसाधनों, आधुनिक बाजार और उद्यमिता को एक साथ जोड़ा जाए तो पहाड़ में रहकर भी रोजगार और व्यवसाय के नए रास्ते बनाए जा सकते हैं।

एक पैकेट, पहाड़ की पूरी कहानी

Hills Organic का उद्देश्य केवल जैविक उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना नहीं, बल्कि पहाड़ की कृषि, किसानों की मेहनत और स्थानीय संस्कृति को एक ब्रांड पहचान देना है।

Authentic Himalayan Products | Naturally Sourced | Supporting Local Farmers | Inspired by Uttarakhand